DMC Medical College

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DMC MEDICAL COLLEGE
ELECTRO HOMEOPATHY

Affiliated By Council Of Jouhar Electro

Homeopathy Medicos of india ,Hyderabad T.S. 

1. इलेक्ट्रो होम्योपैथी क्या है?
इलेक्ट्रो होम्योपैथी एक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक उपचारों का उपयोग करके शरीर के रोगों को ठीक करती है। इसमें शरीर की इम्यूनिटी और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता है। इसे इलेक्ट्रो थेरेपी और होम्योपैथी के सिद्धांतों का संयोजन कहा जा सकता है।


प्रश्न: इलेक्ट्रो होम्योपैथी का इतिहास और भारत में इसका विकास क्या है?

उत्तर:
इलेक्ट्रो होम्योपैथी की शुरुआत 1865 में इटली से हुई, जब प्रसिद्ध शोधकर्ता काउंट सीज़र मत्ती (Count Cesare Mattei) ने इसे खोजा। उन्होंने देखा कि औषधीय पौधों में मौजूद प्राकृतिक तत्व इंसान के शरीर की रक्त और लसिका प्रणाली को शुद्ध और संतुलित कर सकते हैं। इसी सोच से उन्होंने ऐसी दवाइयाँ बनाई जो रोगों को जड़ से ठीक करने में मदद करती हैं।

यह चिकित्सा पद्धति धीरे-धीरे यूरोप से होती हुई भारत आई। भारत में 20वीं शताब्दी में कई चिकित्सकों और विद्वानों ने इसे अपनाया और लोगों के बीच फैलाया। यहाँ रिसर्च और प्रैक्टिस के बाद यह और भी लोकप्रिय हो गई। आज भारत में इलेक्ट्रो होम्योपैथी के कई कॉलेज और संस्थान काम कर रहे हैं जहाँ विद्यार्थी इस पद्धति को पढ़कर एक सफल मेडिकल करियर बना रहे हैं।

आज यह चिकित्सा प्रणाली भारत में सस्ती, सुरक्षित और प्राकृतिक चिकित्सा का बेहतर विकल्प मानी जाती है। जो छात्र मेडिकल क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए इलेक्ट्रो होम्योपैथी एक शानदार अवसर है, क्योंकि इसके माध्यम से वे न केवल एक अच्छा करियर बना सकते हैं बल्कि समाज की सेवा भी कर सकते हैं।


3. इलेक्ट्रो होम्योपैथी में करियर के विकल्प (Scope) क्या हैं?
इलेक्ट्रो होम्योपैथी में करियर विकल्प बहुत हैं। आप निम्न क्षेत्रों में काम कर सकते हैं:

  • इलेक्ट्रो होम्योपैथी क्लिनिक/हॉस्पिटल में चिकित्सक

  • निजी प्रैक्टिस/कंसल्टेंसी

  • स्वास्थ्य और चिकित्सा रिसर्च

  • फार्मा या जड़ी-बूटी उद्योग में विशेषज्ञ

  • स्कूल, कॉलेज या कोचिंग में फैकल्टी


4. इलेक्ट्रो होम्योपैथी कोर्स क्या हैं?
इलेक्ट्रो होम्योपैथी सीखने के लिए विभिन्न कोर्स उपलब्ध हैं:

  • BEMS (Bachelor of Electro Homeopathy Science): 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स

  • MD (Electro Homeopathy): पोस्टग्रेजुएट कोर्स, 2 साल का

  • सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स (छोटे समयावधि के, 6 महीने – 1 साल)


5. एडमिशन के लिए योग्यता क्या है?

  • BEMS: 12वीं पास होना जरूरी है (विज्ञान स्ट्रीम: बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री)

  • MD (Electro Homeopathy): BEMS में डिग्री होना जरूरी है

  • सर्टिफिकेट/डिप्लोमा कोर्स के लिए 12वीं पास होना पर्याप्त है


6. इलेक्ट्रो होम्योपैथी में नौकरी कहां-कहां मिल सकती है?

  • सरकारी और निजी हॉस्पिटल्स और क्लिनिक

  • स्वास्थ्य रिसर्च सेंटर और फार्मा कंपनियां

  • स्कूल और कॉलेज (फैकल्टी के रूप में)

  • स्वयं का क्लिनिक खोलना


7. इलेक्ट्रो होम्योपैथी में औसत सैलरी कैसी होती है?

  • शुरुआती सैलरी लगभग 15,000 – 25,000 रुपये प्रति माह होती है।

  • अनुभव बढ़ने पर, निजी प्रैक्टिस या क्लिनिक में कमाई 50,000 – 1,00,000+ रुपये प्रति माह तक हो सकती है।


8. इलेक्ट्रो होम्योपैथी सीखने के बाद मैं क्या कर सकता हूँ?

  • आप प्रैक्टिस क्लिनिक खोल सकते हैं

  • अस्पतालों में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सक बन सकते हैं

  • स्वास्थ्य और प्राकृतिक चिकित्सा पर रिसर्च कर सकते हैं

  • फार्मा या जड़ी-बूटी उद्योग में सलाहकार/विशेषज्ञ बन सकते हैं


9. इलेक्ट्रो होम्योपैथी का भविष्य (Future Scope) कैसा है?

  • प्राकृतिक चिकित्सा और होम्योपैथी की मांग लगातार बढ़ रही है।

  • लोग साइड इफेक्ट्स वाले दवाओं की बजाय प्राकृतिक उपचार को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • सरकारी और निजी हॉस्पिटल में विशेषज्ञों की जरूरत बढ़ रही है।

  • विदेशों में भी इलेक्ट्रो होम्योपैथी का करियर बढ़ रहा है।


10. इलेक्ट्रो होम्योपैथी सीखना क्यों फायदेमंद है?

  • प्राकृतिक उपचार: बिना साइड इफेक्ट के रोग ठीक होते हैं।

  • करियर विकल्प: नौकरी और व्यवसाय दोनों की संभावनाएं हैं।

  • स्वास्थ्य जागरूकता: समाज में स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा।

  • स्वयं का व्यवसाय: क्लिनिक खोलकर स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं।

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